Positivity

When we start crying then our eyes becomes wet, our nose color changed into red and mostly our cheek becomes little big and glowing…

Don’t worry.. “Crying will creates inner positivity and purity in our heart.”
and yeah.. you looks cute enough that you never want to miss to see your face in to mirror.

Advertisements

Unki Baaten

Hum kitna yaad karte hey vo baat nahi hey, hum unki baaton ko kitna yaad karte hey use kitna nibhate hey.. vo zaruri hey..!

Meri baaten

Yun to baaten bahot hey meri..
Pehchane koi tab me bolu..

Muskun to kuch atpati si hey meri…
Samje koi to me kahu..

Sapne to bunta chaloon me..
Avaz lagata chaloon me..
Sath de koi to dod loon me..

Yun to baaten bahot hey meri..
Pagalo ki tarah khelta hoon..
Bacche ki tarah jeeta hoon..
Khele koi mere sath..
To khilkhila loon me..

Dost dosti ke age zuke jara..
Dosti dost k zariye hi hey…
Sathe he dost to dosti karloon me…

Jane ka koi irada nahi …
Firse milker gale lagana hey..
Manzuri ho ye zaroori nahi..
Sath hey hamesha mera..
Sath de de koi to pura de doon me ..

Yun to baaten bahot hey meri..
Sune koi tab me bolu.

मौसम — mousam (season)

आज मौसम ने लाठी उठाई थी,
दौड़ दौड़ के पगडंडी बनाई थी,
रास्ते का कोई पता नहीं था,
लाठी के डर से वो बनता चला था,
पर जो कुदरत की करामत है,
शायद इसे ही कहते है।

उसी दौड़ के बीच एक ख़ूबसूरत फूल मिला,
खूबसूरती की मिशाल या खूशबू का जुनून।

लाठी का डर था जो , इसे फूल ने मिटाया,
ख़ुशियों की दावत जो इसने खिलाया,

दौड़ तो फिर भी है एक सवाल के साथ
कब तक रहेगा इस फूल का सुहाना साथ।

फिर ये बदलता मौसम आएगा
और नयी छड़ी उठाएगा
क्या होगा कोई चमत्कार कुदरत का,
फिर मिलेगा क्या वो स्वाद खुशियों का,
आज मौसम ने लाठी उठाई थी ।
– विरल

Bandh Aankhen

बंध आँखे…

आँखे बंध करके देख,
अपना आशियाना मिलेगा।

सपने तू बुंदना सीख,
सीखे तो जीना सीख,
जिये तो हँसना सीख,
आज तू उठकर फिर चलकर देख।

दौड़ती हुई ठंडी हवा तू देख,
उसका एहसास दिल के पास रखना तू सीख।

ख़ुशबू बहुत है जान ले ये तू,
उसमे खुद की ख़ुश्बू की आवाज़ तू सुन

आँखे बंध करके तू देख,
अपना एहसास तू लेकर देख,
सपनो की चिल्लाहट सुन,
ख़ुशी का पिंडारा भर के देख

चाहत का मोहताज बन के देख,
सपनों को हक़ीक़त बनाना तू सिख।

गिरे तो सब चिल्लाये, परवाह ना कर उसकी तू

फ़िर तू दौड़, चिल्लाहट को खिलखिलाहट में बदलना सिख
ज़िन्दगी को प्यार करना तू सिख,
मुस्कुराते हुए सपने बुंदना तू सिख

आँखे बंध करके तू देख…

आँखे बंध करके तू देख….

દિકરી – Daughter

દિકરી
દિકરી વ્હાલ નો દરિયો-
ક્યારે ઉચી લાગે ક્યારેક ઠીંગણી લાગે
તોયે દિકરી મને મારા હૈયા કેરી ઢીંગલી લાગે
દિકરી છે એટલી તો ચંચળ ને ભોટ
આંગણે ટહુકા કરે એવા સરસ હોઠ
એને જુવાન થતા સોળ વરસ લાગે
તોયે દિકરી મને સરસ સરસ લાગે
ચણીયા ચોળીમા ગો્વાલણ રાધા લાગે
ગુ્જરાતી પહેર વેશ મા અનુ રાધા લાગે
ફેર ફુદર્ડી ફરતા ફરતા પમ્મર ગરિયો લાગે
દિકરી મારી મને વ્હાલ નો દ રિ યો લાગે
ક્યારેક વાત વાતે આડુ પડે…
મને દિકરી વ્હાલ નો દરિયો લાગે..