Stay

Stay with people to whom you love, but never leave hand of those people who love you.

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मौसम — mousam (season)

आज मौसम ने लाठी उठाई थी,
दौड़ दौड़ के पगडंडी बनाई थी,
रास्ते का कोई पता नहीं था,
लाठी के डर से वो बनता चला था,
पर जो कुदरत की करामत है,
शायद इसे ही कहते है।

उसी दौड़ के बीच एक ख़ूबसूरत फूल मिला,
खूबसूरती की मिशाल या खूशबू का जुनून।

लाठी का डर था जो , इसे फूल ने मिटाया,
ख़ुशियों की दावत जो इसने खिलाया,

दौड़ तो फिर भी है एक सवाल के साथ
कब तक रहेगा इस फूल का सुहाना साथ।

फिर ये बदलता मौसम आएगा
और नयी छड़ी उठाएगा
क्या होगा कोई चमत्कार कुदरत का,
फिर मिलेगा क्या वो स्वाद खुशियों का,
आज मौसम ने लाठी उठाई थी ।
– विरल

Bandh Aankhen

बंध आँखे…

आँखे बंध करके देख,
अपना आशियाना मिलेगा।

सपने तू बुंदना सीख,
सीखे तो जीना सीख,
जिये तो हँसना सीख,
आज तू उठकर फिर चलकर देख।

दौड़ती हुई ठंडी हवा तू देख,
उसका एहसास दिल के पास रखना तू सीख।

ख़ुशबू बहुत है जान ले ये तू,
उसमे खुद की ख़ुश्बू की आवाज़ तू सुन

आँखे बंध करके तू देख,
अपना एहसास तू लेकर देख,
सपनो की चिल्लाहट सुन,
ख़ुशी का पिंडारा भर के देख

चाहत का मोहताज बन के देख,
सपनों को हक़ीक़त बनाना तू सिख।

गिरे तो सब चिल्लाये, परवाह ना कर उसकी तू

फ़िर तू दौड़, चिल्लाहट को खिलखिलाहट में बदलना सिख
ज़िन्दगी को प्यार करना तू सिख,
मुस्कुराते हुए सपने बुंदना तू सिख

आँखे बंध करके तू देख…

आँखे बंध करके तू देख….

B E H A V I O U R

B E H A V I O U R is Sometimes greater than knowledge, because in Life there are many situations where knowledge fails..but ..
Behaviour can handle E V E R Y T H I N G.”